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नैपी कैसे बदलें

नैपी बदलने का तरीका जानें, इससे नैपी से पड़ने वाले दानों और कीटाणुओं को फैलने से रोका जा सकता है।

नैपी कैसे बदलें, नैपी से पड़ने वाले दानों की रोकथाम में और कीटाणुओं को फैलने से रोकने में कैसे मदद करें

नैपी (या डायपर) से पड़ने वाले दानों से बचने और नैपी बदलने के दौरान कीटाणुओं का फैलाव रोकने के लिए, अच्छी साफ-सफाई महत्वपूर्ण है। लेकिन आपको किस नैपी का इस्तेमाल करना चाहिए? और वे स्वास्थ्य संबंधी खतरे क्या हैं जिनसे सावधान रहना चाहिए? नीचे बच्‍चे की नैपी बदलने के लिए दी गई बुनियादी बातों को पढ़ें।

 

मेरे बच्चे के लिए सबसे अच्छी नैपी कौन-सी है और मुझे किन और सामग्रियों की ज़रूरत है?

दो प्रकार की नैपी होती हैं: डिस्पोजेबल और रियूजेबल। हाल के एक अध्ययन से पता चला है कि इनमें से कोई भी पर्यावरण के लिए बेहतर या बदतर नहीं है, तो आपको किसका रूख करना चाहिए?

डिस्पोजेबल नैपी

डिस्पोजेबल नैपी अत्यधिक अवशोषक होती है, और इस प्रकार यह आपके बच्चे की त्वचा को सूखा बनाए रखती है जिससे नैपी से पड़ने वाले दानें नहीं पड़ते हैं। ये अत्यधिक सुविधाजनक भी होती हैं - एक बार गंदा हो जाने पर आप इन्हें आसानी से रोल कर फेंक देती हैं।

रियूजेबल नैपी

रियूजेबल नैपी में कम अवशोषित करने की शक्ति होती है लेकिन ये सबसे अधिक लागत प्रभावी होती हैं - इन्हें बार-बार इस्‍तेमाल किया जा सकता है। नैपी से पड़ने वाले दाने रोकने के लिए, इन्हें नियमित रूप से बस बदलते रहें। आप कपड़े की नैपी को साफ-सुथरा रखने और अपने बच्चे को कीटाणुओं से बचाने के लिए डेटॉल एंटीसेप्टिक लिक्विड (500 मि.ली. पानी में 1 बड़ा चम्मच) से धो सकती हैं।

चेंजिंग मैट

चेंजिंग मैट अपने बच्चे की नैपी बदलने का आरामदायक और स्वास्थ्यकर जगह है। धोने योग्‍य चेंजिंग मैट चुनें और हानिकारक बैक्टीरिया जमा होने से बचने के लिए इसे फटने से बचाएँ।

बच्‍चे की नैपी बदलने के टिप्स:

  • गंदी नैपी हटा दें, बच्चे की टांगों को टखनों तक ऊपर उठाकर बच्चे की पहुँच से दूर रखते हुए नैपी निकाल दें।
  • अपने बच्चे को आगे से पीछे की ओर डैब करने के लिए कॉटन बॉल या बेबी वाइप्स का इस्‍तेमाल करें (पीछे से आगे की ओर पोंछने से बैक्टीरिया फैल सकते हैं और इनसे मूत्र मार्ग में संक्रमण हो सकता है)
  • लड़कों के मामले में, नपी बदलने के दौरान लिंग के ऊपर सूखी नैपी रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि हवा के संपर्क में आने से लड़कों को पेशाब आ सकती है। साफ हो जाने पर, कमर के आसपास रिसाव से बचने के लिए नैपी को बांधने से पहले लिंग को नीचे की ओर रखें।
  • नैपी का कमरबंद गर्भनाल के नीचे मोड़ दें।
  • कीटाणुओं का फैलाव रोकने के लिए अपने बच्चे की नैपी बदलने के बाद चेंजिंग मैट को साफ और सैनिटाइज़ करें। अगर पानी आसानी से उपलब्ध नहीं हो तो अपने हाथों को कीटाणुरहित करने के लिए डेटॉल वाइप्स का इस्‍तेमाल करें।
  • इस्तेमाल की जा चुकी नैपी को प्लास्टिक बैग या नैपी की बोरी में रखें और उसे किसी बाहरी कूड़ेदान में फेंक दें।
  • रियूजेबल नैपी को अपने नियमित कपड़ों से अलग धोएँ। नैपी से किसी भी अवशेष को टिशू की मदद से निकाल दें और टॉयलेट में फेंक दें। फिर नैपी को प्रीवॉश साइकिल और उसके बाद गर्म धुलाई (60 डिग्री सेल्सियस से अधिक) पर साफ करें। वहीं दूसरी ओर, कीटाणुओं से छुटकारा पाने के लिए डेटॉल एंटीसेप्टिक लिक्विड के साथ गर्म पानी से धोएँ।

नैपी से पड़ने वाले दाने

  • नैपी बदलना नई मां बनने का एक बड़ा जिम्‍मा होता है। अगर आपके बच्चे की नैपी बार-बार गीली हो जाती है, तो अनियमित रूप से बदलें, या अगर वे दस्त से पीड़ित हैं या कपड़े धोने के साबुन की प्रतिक्रिया से पीड़ित हैं, तो इससे नैपी से पड़ने वाले दाने पड़ सकते हैं - त्वचा सूजन वाली हो सकती है जो आपके बच्चे के नितम्‍ब पर चमकदार लाल दिखाई देती है।

घर पर नैपी से पड़ने वाले दानों का उपचार कैसे करें:

  • उनकी नैपी नियमित रूप से बदलें और रगड़कर छिलने से बचने और उपचार तेज करने के लिए बड़े आकार का इस्‍तेमाल करें।
  • हर बाद बदलने के बाद अपने बच्चे के नितम्‍ब को पानी से साफ करें, साबुन के इस्तेमाल से परहेज करें।
  • अपने बच्चे को मुलायम तौलिये से थपथपा कर सुखाएँ - रगड़ें नहीं।
  • अपने चिकित्‍सक द्वारा सुझाई गई नैपी रैश क्रीम या मलहम लगाएँ।
  • अपने बच्चे को नैपी के बिना कुछ देर बइधर-उधर घूमने दें ताकि कुछ हवा नितम्‍ब तक पहुँच जाए।
  • ठीक होने के बाद, नैपी से पड़ने वाले दानों के खिलाफ नमी अवरोधक के रूप में मलहम का नियमित इस्‍तेमाल करने का ख्‍याल रखें। संयम से प्रयोग करें ताकि नैपी हवाबंद न हो।

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