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अपने नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें - कुछ आसान सुझाव

नवजात शिशु की देखभाल के लिए इन सरल युक्तियों की पड़ताल करें और घर को जितना से जितना संभव हो सके कीटाणुओं से मुक्त रखें।

नवजात शिशु की देखभाल में अत्यधिक स्वच्छता और देखभाल की जरूरत पड़ती है, ताकि आपका नन्हा-मुन्‍ना बीमार न पड़े।

आपके जीवन का सबसे रोमांचक और यादगार दिन वह था जब आप अपने बच्चे को घर ले आईं थीं। बच्चे के आने से पहले ही आपने अपना सारा समय और ऊर्जा बालकक्ष सजाने-संवारने और घर की साफ-सफाई में लगा दिया। और फिर बच्चे के आने के बाद आपकी साफ-सफाई करने की ड्यूटी कई गुना बढ़ गई। चूँकि शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, इसलिए वे तेजी से बीमारियों से संक्रमित हो सकते हैं। घर को जितना से जितना संभव हो सके कीटाणुओं से मुक्त रखने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

नवजात शिशु की देखभाल के लिए इन सरल युक्तियों की पड़ताल करें:

बार-बार अपने हाथ धोएँ।

मानसून का मौसम अपने साथ ठंडा झोंका और ढेर सारे कीटाणु लेकर आता है। नम वातावरण से पूरे घर में कवकों और जीवाणुओं की वृद्धि बढ़ जाती है। आप अनजाने में अपने बच्चे को फ्लू या सामान्य सर्दी के कीटाणुओं के संपर्क में ला सकती हैं, इसलिए सबसे अच्छी बात दिन में कई बार डेटॉल एंटीबैक्टीरियल साबुन से अपने हाथों को धोना है। बच्चे का आहार तैयार करने, बच्चे को नहलाने, सिप्पी कप या टीथी रिंग छूने से पहले और यहाँ तक ​​कि बच्चे को कपड़े पहनाते या बदलते समय भी अपने हाथों को धोएँ। बच्चे की सभी चीजों को एंटीबैक्टीररियल साबुन या डिटर्जेंट में धोकर उपयोग करने से पहले उन्हें हवा में सुखाएँ।

अगर आप अस्वस्थ हैं तो दूर रहें।

इस मौसम में सर्दी लगना आम बात है और साथ ही आपसे आपको बच्चे को होना भी बहुत ही आसान है। अगर आपको बुखार है या आपकी नाक बह रही है तो आप अपने बच्चे से दूर ही रहें। अगर आपको बच्चे को संभालना ही पड़े (खिलाने या कपड़े बदलने के लिए), तो लेटेक्स के दस्ताने पहनें और बच्चे को लेने से पहले साफ कपड़े पहनें।

बच्‍चे के डायपर सूखी जगह पर रखें।

कुछ समय तक अछूती रह जाने वाली सभी चीजों पर फफूँद और कवकों का विकास होता है। इनसे आपके बच्चे की त्वचा में इरिटेशन हो सकता हैं। हमेशा सीलबंद डायपर पैकेट खरीदें और नमी अवशोषित करने के लिए डायपर की दराज में नेफ़थलीन बॉल्स या सिलिका जेल के पैकेट रखें। पोंछों, टैल्कम पाउडर और बदलने वाले फलालैन को एक ही दराज में रखें, ताकि आप बच्चे की इन चीजों को जल्दी से बदल सकें।

घर को कीटाणुरहित करना।

नवजात शिशु की देखभाल में घर को बेशर्त साफ रखना भी शामिल है। उड़ने और बीमारियाँ फैलाने वाले मक्खियों और मच्छरों के अलावा, आपके घर में काक्रोच, कीटाणु, कवक और बैक्‍टीरियल इन्‍फेक्‍शन भी आ सकता है। प्लास्टिक, धातु और कांच की सभी सतहों पर डेटॉल मल्टी-यूज हाइजीन एंटीबैक्टीरियल लिक्विड क्लीनर का छिड़काव करने, कीटाणुनाशक साबुन से फर्श को पोंछने और स्पिल्‍स पर डेटॉल मल्टी-पर्पज क्लीनिंग वाइप्स का इस्‍तेमाल करने से कीटाणु और बैक्टीरियल इन्‍फेक्शन दूर रहेंगे। किचन, बाथरूम और वॉश बेसिन को साफ और कीटाणु मुक्त रखने में अपनी ऊर्जा लगाएँ। साथ ही मक्खियों और अन्य कीड़ों को दूर रखने के लिए अपने घर का धूमन (फ्यूमिगेशन) करवाएँ।

बच्चे के कपड़ों के साथ सावधान रहें।

आप बच्चे को संभालने से पहले अपने हाथ धोएँ और अपने घर को साफ रखने के लिए कई स्वच्छता के कई उपाय करें। बच्चे के कपड़ों और खिलौनों के साथ भी इसी तरह की सावधानी बरतना बुद्धिमत्‍ता होगी। बच्चे के कपड़ों को अपने बाकी कपड़ों के साथ न धोएँ। बच्चे के कपड़ों और अंतरंग चीजों को अलग से फैब्रिक सॉफ़्नर और मुलायम एंटी-बैक्टीरियल डिटर्जेंट से धोएँ। सभी कपड़ों और सामानों को हवा में सुखाएँ, और किसी धातु या रबड़ के उपकरण्‍धों या खिलौनों को भाप से सुखाएँ। इसके अलावा, भले ही आपका बच्चा डायपर पहनता हो और बिस्तर गीला करने की संभावना कम से कम हो, तो भी कीटाणुओं को दूर रखने के लिए हर दो दिन में बच्चे का बिस्तर बदलती रहें।

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