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बच्चों को डेंगू बुखार से बचाने के उपाय

डेंगू बुखार एक मच्छर जनित बीमारी है, जो पूरी दुनिया में पाई जा सकती है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) निदेशालय के अनुसार भारत में इस साल 13 अक्टूबर 2019 तक डेंगू बुखार के 67,000 मामले सामने आ चुके थे। बच्चों को डेंगू होने की आशंका अधिक होती है। परिणामस्वरूप उन्हें इससे बचाने के लिए जरूरी कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है। यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके बच्चे इस घातक बुखार के हमले से सुरक्षित रहें।

डेंगू आपके बच्चे को कैसे प्रभावित कर सकता है?

बच्चे अपनी विकासशील प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण बीमारियों का ज्यादा शिकार होते हैं। जब वे बाहर खेल रहे होते हैं तो तमाम तरह के कीटाणुओं और वायरस के सम्पर्क में आते हैं। सुबह और शाम के वक्त डेंगू के मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं; उसी समय बच्चे घर से बाहर होते हैं। घर के अंदर और बाहर पानी का जमाव न होने दें। स्थिर और साफ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के लिए एक प्रजनन आधार तैयार करता है।

लक्षण क्या हैं?

आमतौर पर बच्चों में डेंगू के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, क्योंकि वे सामान्य बुखार के जैसे ही होते हैं। वे बीमारी की गंभीरता पर भी निर्भर करते हैं। एडीज मच्छर द्वारा काटे जाने के 4 दिनों से लेकर 2 सप्ताह के बीच कभी भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

निम्नलिखित संकेत हैं, जिनके बारे में आपको सतर्क रहना चाहिए:

  • फ्लू जैसे लक्षण, जो 2 से 7 दिनों तक रह सकते हैं
  • 40°C / 104°F टेंपरेचर वाला तेज बुखार
  • तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना/उल्टी लगना, ग्रंथियों में सूजन, जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते होना
  • गंभीर लक्षणों में मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी लगना, तेज-तेज सांस आना और शरीर टूटना/बेचैनी प्रमुख हैं

डेंगू का उपचार कैसे करें?

डेंगू बुखार के लिए वास्तव में कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। हालांकि डेंगू बुखार की गंभीरता को कम करने के लिए आप विभिन्न कदम जरूर उठा सकते हैं। डेंगू पूरे शरीर में तेज दर्द पैदा करता है और गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बनता है।

एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) लेने से दर्द में आराम हो सकता है और बुखार भी कम हो सकता है। एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन सोडियम जैसे दर्द निवारक लेने से बचें, क्योंकि वे रक्तस्राव संबंधी जटिलताओं को बढ़ा सकते हैं।

गंभीर डेंगू बुखार के मरीजों को आमतौर पर आईवी तरल पदार्थ दिए जाते हैं और इलेक्ट्रोलाइट प्रतिस्थापन के जरिये उनका उपचार किया जाता है।

डेंगू से बचाव कैसे करें?

चूंकि डेंगू उपचार की कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है, इसलिए रोकथाम की सलाह दी जाती है। बच्चों को अपनी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण डेंगू बुखार होने का खतरा अधिक होता है। यहां कुछ उपाय दिए जा रहे हैं, जो आपके बच्चे को डेंगू बुखार से सुरक्षित रख सकते हैं:

  • रेपेलेंट्स : जब बच्चे घर से बाहर होते हैं तो मच्छरों को उनसे दूर रखना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए रेपेलेंट्स का उपयोग करना बहुत उपयोगी साबित हुआ है। जिन मॉस्किटो रेपेलेंट्स में डीईईटी (एन, एन-डाइथाइल-मेटा-टोलुआमाइड) होता है, वे अत्यधिक अनुशंसित हैं। ये रेपेलेंट्स एक बार त्वचा पर लगाने के बाद कम से कम 10 घंटों तक बच्चों की रक्षा करते हैं। आप लेमन यूकेलिप्टस का तेल भी लगा सकते हैं।
  • घर में स्वच्छता : घर को अव्यवस्था मुक्त रखें और कहीं भी पानी जमा न होने दें। अगर कहीं पानी जमा होता है तो डेटॉल डिसइन्फेक्टैंट लिक्विड जैसे तरल पदार्थों से इसे कीटाणुरहित करें। डिसइन्फेक्टैंट्स यह सुनिश्चित करते हैं कि वह हिस्सा एडीज मच्छरों का प्रजनन स्थान नहीं बन सकता। अगर आपको वास्तव में पानी स्टोर करना ही हो, तो इसे किसी एयर-टाइट बर्तन या कंटेनर में ही स्टोर करें।
  • घर की अतिरिक्त सुरक्षा : दरवाजे और खिड़कियों पर स्क्रीन का प्रयोग करें और क्षतिग्रस्त दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत भी करवाएं। बिना स्क्रीन वाले दरवाजे और खिड़कियां हर समय बंद रखें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता : सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे खाना खाने से पहले, बाहर से घर आने के बाद और वाशरूम के उपयोग के बाद अपने हाथ और पैर नियमित रूप से धोएं। अपने बच्चे की स्वच्छता को बेहतर बनाए रखने के लिए डेटॉल एंटीबैक्टीरियल साबुन का उपयोग करें।
  • बच्चे जब भी घर से बाहर जाएं तो उन्हें लंबी आस्तीन वाली शर्ट और फुल पैंट पहनाकर ही बाहर भेजें। लंबे कपड़े मच्छरों के हमले के लिए त्वचा की उजागरता को कम करेंगे।
  • बच्चों के लिए खेलने के समय को सीमित करें, विशेष रूप से शाम और सुबह के दौरान उन्हें बाहर भेजने से बचें, क्योंकि यही वह समय होता है, जब मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
  • यदि आपके बच्चे को दो दिनों से अधिक समय से लगातार बुखार है, तो डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

 

डेंगू होने पर बच्चों में बहुत कम लक्षण दिखते हैं और कई मामलों में तो बिल्कुल ही नहीं दिखते हैं। डेंगू के लक्षण बड़ी आसानी से मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और टाइफाइड बुखार के लक्षणों के जैसे दिख सकते हैं और भ्रमित कर सकते हैं। लंबे समय तक बुखार या शरीर में दर्द डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। बुखार की लगातार निगरानी और अलग-अलग लक्षणों के लिए सतर्क रहने से सही निदान हो सकता है। बीमारी का पता चलने पर रोकथाम और सावधानी बरतना डेंगू का इलाज करवाने के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होने से बेहतर रहता है। जीवनशैली संबंधी कुछ बदलाव करके और अतिरिक्त सावधानी बरतकर आप अपने बच्चों को डेंगू बुखार के चंगुल से बचा सकते हैं।