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गर्भावस्था के चरण और गर्भावस्था हेतु सुझाव

गर्भावस्था के दौरान क्या-क्या अपेक्षाएँ रखें और स्वस्थ रहने के लिए सुझाव

गर्भवती होना एक अद्भुत अहसास है. 40 सप्ताह के गर्भावस्था कैलेंडर में आपका शरीर अविश्वसनीय बदलावों से गुज़रता है. गर्भावस्था के तीन चरणों (तिमाहियाँ) के दौरान क्या-क्या अपेक्षाएँ रखें, यह जानने के लिए आगे पढ़ें, और साथ ही, ख़ुद को और अपने शिशु को स्वस्थ रखने के लिए कुछ अच्छे सुझावों की जानकारी भी पाएँ.

पहली तिमाही (हफ़्ते 1-12)

इस समय आपके शरीर में ढेर सारे बदलाव हो रहे हैं. आपका रोम-रोम यह अहसास करने लगा है कि गर्भवती होने किसे कहते हैं. इसमें निम्नांकित शामिल हो सकते हैं:

  • बहुत ज़्यादा थकान
  • उल्टी आना (मॉर्निंग सिकनेस)
  • संवेदनशील या सूजे हुए स्तन
  • भोजन लालसा
  • मिजाज़ में बदलाव
  • वज़न बढ़ना

दूसरी तिमाही (हफ़्ते 13-28)

आपको यह तिमाही पहली तिमाही से ज़्यादा आसान लग सकती है. जैसे-जैसे उल्टी आना और थकान कम होते जाएँगे, आपका उभार ज़्यादा नज़र आने लगेगा. बहुत जल्द आप अपने शिशु का हिलना-डुलना महसूस करने लगेंगी. आपको निम्नांकित का भी अनुभव होने लगेगा:

  • अपनी पीठ, पेट और पेट एवं जांध के बीच के हिस्से में दर्द
  • खिंचाव के निशान (स्ट्रेच मार्क्स)
  • हाथों का सुन्न पड़ना या उनमें झनझनाहट
  • एड़ियों, उँगलियों और चेहरे पर हल्की सूजन

तीसरी तिमाही (हफ़्ते 29-40)

अब आपके उभार का आकार एक फुटबॉल जितना हो जाएगा. आपका शिशु आपके अंगों पर दबाव डालेगा और इसी कारण आप परेशानी महसूस करेंगी. बार-बार शौचालय जाने की ज़रूरत पड़ने के साथ-साथ आप निम्नांकित का भी अनुभव करेंगी:

  • साँस लेने में परेशानी
  • एड़ियों, उँगलियों और चेहरे की सूजन में बढ़ोतरी (अगर यह बहुत ज़्यादा हो जाए, तो अपने स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से तुरंत संपर्क करें)
  • संवेदनशील स्तन, जिनमें से पनीला, दूध आने से पहले के तरल (कोलोस्ट्रम) का रिसाव हो सकता है
  • सोने में परेशानी

गर्भावस्था के दौरान बीमारी से बचाव के लिए बढ़िया सुझाव

अपने शरीर में होने वाले बदलावों को अनदेखा न करें - आपके अंदर एक नन्हा इंसान पल रहा है. इन गर्भावस्था हेतु सुझावों का भी इस्तेमाल करके कुछ बदलाव लाएँ:

  • पहले से जल्दी सोने जाएँ और ज़्यादा नींद लें (जब तक यह आप कर पा रही हैं!)
  • स्वास्थ्यकर पौष्टिक आहार खाएँ.
  • अपाश्चरीकृत दुग्ध उत्पादों, फफूँदी लगा हुआ चीज़, ठंडा माँस और कम उबाले गए अंडों से बचें जिनमें बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. जिन भोज्य पदार्थों से बचना है उनकी पूरी सूची के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें.
  • अपनी गर्भावस्था के 12वें हफ़्ते तक फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेती रहें ताकि आपके शिशु के स्पिना बिफ़िडा जैसी नुकसानदायक समस्याओं के साथ जन्म लेने को रोका जा सके.
  • बिल्ली के मल के संपर्क में आने से बचें क्योंकि इसमें टॉक्सोप्लास्मोसिस (एक ऐसा संक्रमण जो, गंभीर स्थितियों में, शिशु की आँखों और मस्तिष्क को तेज़ नुकसान पहुँचा सकता है) करने वाला जीव मौजूद हो सकता है.
  • अपने घर के अंदर आम तौर पर स्पर्श किए जाने वाले सतहों को डेटोल हाइजीन लिक्विड या डेटोल एंटीसेप्टिक लिक्विड से साफ़ और कीटाणुरहित करें जो कि 99.9% कीटाणुओं को मार देता है.
  • अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएँ.
  • अगर पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है, तो अपने हाथों को कीटाणुरहित करने के लिए डेटोल वाइप्स का इस्तेमाल करें.

आप अपने गर्भावस्था के कैलेंडर पर चाहे जहाँ भी हों, इसका आनंद लें - समय पंख लगाकर उड़ जाएगा.

कृपया अपने शिशु की देखभाल के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें. यहाँ दिए गए सुझाव सामान्य प्रकार के हैं और इनका संबंध सिर्फ साधारण स्वच्छता तक ही सीमित है.