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आज की माताओं में स्वच्छता के प्रति जुनून क्यों है

हर माँ जानती है कि उसके बच्चों की सुरक्षा के लिए बदलते समय के साथ जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। बीमारियों की बढ़ती संख्या से डरकर, मै अधिक जागरूक माँ बन गयी हूँ , जो लगातार बच्चों के आसपास मँडरा रहें किसी भी बीमारी के पहले लक्षण दीखते से ही उसे रौंदने के फ़िराक में रहती हैं। मुझे यकीन है कि मेरी तरह अधिकतर माताएं बुरी दुनिया से अपने बच्चों की रक्षा के मिशन के लिए अतिजागरूक बनने के लिए मजबूर हो गई है।

खाने से पहले हाथ धोना हो, या बच्चे टहलने के लिए पालतू जानवर को बाहर ले जाना, माता-पिता के रूप में हम सब हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित महसूस करते है। काफी कुछ गंभीर चिंताओं के कारण यह डर उत्पन्न हुआ है।

  • स्वच्छता - आप अपने बच्चों को याद दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठायें और सुनिश्चित करें कि वे अपने हाथ धो कर स्वच्छ रहें , लेकिन यह तभी संभव है जब आप उनके साथ घर पर हैं। एक बार बच्चे घर के बाहर गए तो उनके लिए सभी निर्देश व्यर्थ हो जाते हैं, क्योंकि अपने घर के स्वच्छ सीमाओं के बाहर, वह हर दिन अधिक से अधिक कीटाणुओं के संपर्क में आते है। 
    बुरी बात यह है कि आज कीटाणु बहुत विकसित हो गए है और सुपर बग में रूपांतरित हो गए है, जो हमारे समय के दौरान कीटाणुओं से भी अधिक की खतरनाक बन गए हैं। इसलिए फुटबॉल, बल्ले या यहां तक कि आज के झूलों पर पाए जानेवाले रोगाणु हमारे समय में हम जब खेलते थे तब पाए जाने वाले रोगाणु से अधिक घातक और प्रतिरोधी हो गए हैं।
  • खाद्य और पानी का सेवन - खाद्य स्टाल से सस्ते कैंडीज, मोमोज, चाट, रोल और अन्य जंक फूड खाने से पीने के पानी तक, हम नहीं जानते की हमारे बच्चे स्कूल में जाते है या जब वे उनके दोस्तों के साथ होते है तब वह क्या खाते है या पीते है। खाद्य पदार्थों में मिलावट और घातक रासयान जैसे अपमिश्रण, सीसा, अस्परटेम की खबरों के चलते, एक माँ का मन हमेशा डरा होता है कि कहीं उसके बच्चे ने प्रदूषित क्षेत्रों से खाना या पेय तो नही पीया जिसके कारण वह पेट से संबंधित बीमारियों की चपेट में आ सकता है। सर्दी हो या गर्मी हो – बच्चे को हमेशा घर का शुद्ध पानी की बोतल ले जाने के लिए कहें और इसे एक न भूलने वाला नियम बनाये।
  • जानवरों के साथ संपर्क – अगर स्वच्छता के विचार से, आप घरमें पालतू जानवर नहीं रखते है और आपका बच्चे को जानवरों के प्रति लगाव है (जो अधिकांश बच्चो में होता है) तो वह पालतू जानवरों जैसे आवारा कुत्ते या बिल्ली के बाहर के साथ खेलेगा। ऐसे स्थिति में, आपके बच्चे को संक्रामक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। और यही मुख्य कारण कि मैं मेरे बच्चों को हमेशा घर में किसी भी वस्तु को छूने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से एक कीटाणु-विरोधी साबुन के साथ हाथ धोने के लिए कहती हूँ।
  • चोट लगने की घटनाएं - मुझे लगता है कि मैंने अपने बच्चों को जब जब उन्हें चोट लगी उनकी लापरवाही के बारे में कई बार चेतावनी दी थी, और बाद में उनके कुछ घाव और चोट के निशान जिनके बारे में मैं पूरी तरह से अनजान थी देखकर चौंक गयी था! बच्चे, हमारे अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के डर से उन्हें बाहर खेलते समय या घर के आसपास खेलते समय चोट लगती है उनके बारे में वे अपने माता पिता को बताने से डरते हैं। बच्चो को हर समय चोट लगती रहती हैं, यदि उन घावों को ऐसेही छोड़ दिया गया तो वे बड़े संक्रमण में बदल सकते हैं। और ऐसी बुरे स्थिति के बारे में माँ से ज्यादा और कोई भी चिंतित नहीं होता है।

यह सच है कि हम अपने बच्चों को सुरक्षित रखना चाहते है, लेकिन आरामदायक और 'स्वच्छ' घर के अंदर कोई भी बच्चा ऊब जाएगा और अकेलापन महसूस करेगा क्योंकि उसकी जिंदगी में मनोरंजन के रूप में केवल कंप्यूटर या वही पुराना बोर्ड खेल खेलना रहेगा।

Besides, even we parents have to agree that the sheer joy of stepping out and playing outdoor games or running around carefree with friends cannot be matched. It is only natural, and even healthy, for our children to leap, play, yell and indulge around with friends.

हालांकि, यहाँ स्वास्थ्य बड़ी प्राथमिकता है, और हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम अक्सर हाथ धोने और रोगाणु संरक्षण साबुन से स्नान करने आदत डालें । आज के तारीख में मैं नए डेटॉल गोल्ड श्रेणी के साबुन और तरल हैण्ड वाश का उपयोग करती हूँ जो जो बाजार में अन्य उत्पाद की तुलना में 100% बेहतर सुरक्षा प्रदान करते है।

घर की स्वस्थ आदतें बाहर भी ले जाने के लिए, मैं मेरे बच्चों के स्कूल बैग में डेटॉल इंस्टेंट हैण्ड सनीटाईझर और डेटॉल बहु उपयोगी पोंछे स्थायी रूप से रखती हूँ। ये मेरे बच्चो को रोगाणु और कीटाणुओं से जब भी और जहाँ भी सुरक्षा प्रदान करते है और मैं आश्वस्त रहती हूँ कि मेरे बच्चे घर के बाहर भी सुरक्षित हैं।.