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छह कारणों की वजह से बच्चों को आज की दुनिया में अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है

मेरे बच्चे अक्सर शिकायत करते हैं कि जब भी उनकी कीटाणुओं से रक्षा करने के बात आती है तब में भावनात्मक प्रतिक्रिया देती हूँ हालांकि दो बच्चों की मां होने के करण मुझे पता है कि आपने बच्चे को बीमार पड़ने पर हर माता पिता का एक अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण अनुभव रहा है। चूँकि बच्चों को बीमारियों का अधिक खतरा रहता है, वे अक्सर किसी न किसी बीमारी से त्रस्त होते हैं, इसलिए उन्हें संरक्षित रखने की जरूरत होती है।

इस के लिए, यह समझना जरुरी है कि आज की दुनिया में हमारे बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत क्यों है, और हमें बहुत अधिक सतर्क रहने की जरुरत क्यों है:

  • प्रतिरक्षा प्रणाली का विकास:अपने बच्चों के सामान्य बीमारियों पर शोध करते समय, मुझे पता चला कि बीमारियों के प्रमुख कारणों में से एक कारण अविकसित प्रतिरक्षा प्रणाली है। सीधे शब्दों में कहें, हमारे बच्चे का शरीर कीटाणुओं और विषाक्तता रोकना के विकास तंत्र निर्माण करने में सक्षम नहीं है;
  • मैली सतहों से अधिक संपर्क: हम माताएं अपने बच्चों की अच्छी देखभाल करते है, लेकिन हम सभी ठिकाने मौजूद नहीं रह सकते है। बच्चे तो बच्चे होते है और बगैर फर्क समझे आसपास के कीचड़ और गंदगी में खेलने लगते है, और अक्सर अन्य बच्चों के साथ चीजों की लेन-देन होती है, जो शायद आपके बच्चे इतने स्वच्छ नहीं हो। बच्चे अक्सर छुए जाने वाले और मैली सतह वाले दरवाजे के हैंडल, फुटबॉल, सीढ़ी की रेलिंग आदि के संपर्क में आते हैं और उन्हें अन्य बच्चों से भी संक्रमण फ़ैल सकता हैं।
  • आधुनिक पर्यावरण के खतरे: आजकल अत्यधिक प्रदूषित वातावरण होने के कारण में मेरे बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में अति-सावधान रहती हूँ क्योंकी वे हर दिन हानिकारक विषाक्त पदार्थों संपर्क में आ रहे है। आजकल, हवा पहले की तुलना में अधिक प्रदूषित है, पानी अधिक दूषित है, और आज जो भोजन हम खाते है उसमे पहले से कहीं अधिक रसायन होते हैं।
  • मजबूत और अधिक प्रतिरोधी कीटाणु: मैं भ्रम में था कि चिकित्सा विज्ञान ने बिमारियों के चिकित्सा में काफी प्रगति करली है, इसलिए मेरे बच्चे सुरक्षित तरीके से बढ़ सकते है। बहरहाल, समय बदलने के साथ, कीटाणुओं भी विकसित हो रहें है, और अधिक अभेद्य बन गए हैं। हर दिन, मैं जो कुछ समय पहले पूरी तरह से अनसुना थे ऐसे नए वायरस और बीमारी के बारे में सुन रहे है। हमारे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली जो अभी भी विकसित हो रही है उनकी प्रतिरक्षा कोशिकाएं इस तरह के नए और मुश्किल कीटाणुओं और उनके संक्रमन को पहचानने में और उनका मुकाबला करने में सक्षम नही हो सकती है।
  • जलवायु परिवर्तन: वर्तमान जलवायु परिवर्तन, विशेष रूप से ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया भर में संक्रामक रोगों का प्रसार हो रहा है। शोध से यह पता चलता है की डेंगू , मलेरिया आदि जैसी विशिष्ट बीमारिया गर्म तापमान में बढ़ती है। ये स्थितियां न केवल हमारे बच्चों के लिए खतरा है, बल्कि हम जैसे वयस्कों के लिए भी खतरा है।
  • पारंपरिक स्वच्छता नियम का पालन: यही कारण है कि आप मुझे एक जीवाणु से भयभीत माता समझोगे। फिर भी, एक अभिभावक के रूप में, मैं हमेशा अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित रही हूँ, और उनकी कीटाणुओं से रक्षा रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए हैं। अब यह स्पष्ट हो गया है कि पुराने स्वच्छता नियम आज के जीवाणुभरे दुनिया में पर्याप्त नहीं है। आज एक व्यापक स्वच्छता दृष्टिकोण अपनाने की जरुरत है जिसमे हाथ धोने और जीवाणुरोधी साबुन से स्नान करने जैसे बुनियादी स्वच्छता दिनचर्या शामिल हैं। बीमारियों से बचने और लड़ने की दिशा में स्वस्थ रहना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। मैं सुनिश्चित करती हूँ की मेरे बच्चे स्वच्छ आदतों का पालन करके समय-समय पर उनके हाथ धोते है, और केवल डेटॉल गोल्ड श्रृंखला के जीवाणुरोधी साबुन और हैण्ड वाश से ही स्नान करते है क्योंकी डेटॉल गोल्ड श्रृंखला के जीवाणुरोधी साबुन और हैण्ड वाश किसी अन्य साबुन की तुलना में 100% बेहतर सुरक्षा देते हैं। मैं यह भी सुनिश्चित करती हूँ कि मेरे बच्चों को एक संतुलित और पौष्टिक आहार मीले ताकि उन्हें बेहतर प्रतिरक्षा और शक्ति के निर्माण में सहायता मिले।