स्कूलों में रोगाणु के प्रसार को रोकने में कैसे मदद करें

सैकड़ों बहती नाक और चिपचिपी अंगुलियां एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, स्कूल कीटाणुओं के लिए अनुकूल स्थान होते हैं। डेटॉल® के इन सुझावों से स्कूलों में कीटाणुओं के प्रसार को रोकने में कैसे मदद करने की युक्ति सीखिए।

  1. बचाव किसी भी दवा से अधिक अच्छी चीज होती है- इस बात का ध्यान रखें कि आपके बच्चे और आपके परिवार का हर कोई अपने टीकाकरण करवाते हों- ताकि बीमारी से बचा रहा जा सकता है।
  2. अपने बच्चों के लिए वार्षिक शारीरिक जांच की योजना बनाएं भले ही वे बीमार न हो। कई स्कूलों को स्कूल ईयर शुरु होने से पहले एक शारीरिक जांच करनी होती है, यह एक अच्छी बात है, चाहे आपके बच्चे बीमार न हो तो भी।
  3. स्कूलों में कीटाणुओं के स्तर को कम से कम बनाए रखें- अपने बच्चों को बीमार पड़ने की स्थिति में स्कूल न जाने दें।
  4. यदि आप एक शिक्षक हैं तो डेटॉल® डिसइंफेक्टेंट मल्टी-यूज हाइजीन लिक्विड तथा डेटॉल® मल्टी-यूज वाइप्सके इस्तेमाल से अपनी कक्षा को कीटाणुमुक्त रखें। कीटाणु डेस्कटॉप और साझे स्थानों पर पनपते हैं, जैसे कि रीडिंग नूक और कम्प्यूटर्स व पेंसिल शार्पनर्स।
  5. अपने बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोना सिखाएं और इस बात का ध्यान रखें कि वे कारगर तरीके से हाथ धोना सीख लें। एक अच्छा तरीका है कि उन्हें A-B-Cs या “हैप्पी बर्थडे” गाने को कहें ताकि वे झाग बनाने की सही अवधि का पालन कर सकें। 
  6. बच्चों को अपने मुंह, नाक और आंख छूने से बचना चाहिए। बच्चे और वयस्क नियमित रूप से कीटाणुओं के संपर्क में आते रहते हैं और किसी वायरस के संपर्क में आने के बाद यदि वे अपने चेहरे छू लें तो उससे उन्हें बीमारी लर सकती है।

स्कूलों में कीटाणु भारी तादाद में पाए जाते हैं, पर आपके बच्चों को हर बार कक्षा में जाने पर बीमार पड़ने का कोई खतरा नहीं होगा। इस स्कूल वर्ष में कीटाणुओं को फैलने से रोकने और अपने बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए कृपया इनटिप्स को फिर से पढ़ लें।