5 surfaces at school that could cause a health concern for your child
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स्कूल की 5 जगहें जो आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं

हर मां अपने बच्चे के बारे में चिंतित रहती है, और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उनका बच्चा/बच्ची सुरक्षित रहे, कोई नुकसान ना पहुंचे। लेकिन हम सभी जानते हैं कि बच्चे तो आखिर बच्चे ही होते हैं, और आप उन्हें सुरक्षित रखने कि चाहे जितने प्रयास कर लें, वे कोई रास्ता ढूंढ ही लेंगे जहां कीटाणु, धूल, और वातावरण में मौजूद इस प्रकार के अन्य खतरनाक तत्वों से उसका संपर्क हो। और सबसे बुरा यह है कि समय के साथ या ना केवल दोगुना होता है बल्कि और भी अधिक मजबूत और अधिक प्रतिरोधी हो जाते हैं।

आपको लगता है कि आप यह सुनिशचित करते हुए बच्चों की सुरक्षा कर रहे हैं कि वे बाहर का खाना बहुत अधिक नहीं खाते हैं, और सार्वजनिक जगहों पर बहुत अधिक हाथ नहीं लगाते आदि। लेकिन आपके बच्चे के स्कूल में कीटाणु वाली जगहों का क्या करेंगे- ऐसी जगहा जहां आप मौजूद नहीं रहते हैं, और अपने नन्हें की निगरानी नहीं कर पाते हैं? हाल के एक अध्ययन के अनुसार यहां कुछ जगहें हैं जिसके बारे में आपको और आपके बच्चे को विशेष रूप से जानने की आव्यशक्ता है:

  • दरवाज़े का हैंडल: किसी मकान के एक हैंडल में औसत तौर पर 710 कीटाणु तक होते हैं। इसके बारे में सोचें, एक दरवाज़े का हैंडल वो जगह है जिसे हर कोई स्कूल में एक दिन में कई बार छू लेता है, उस उन सतहों पर जीवाणु के बहुत लंबे समय के लिए जीवित रहने के लिए जाना जाता है, जो अपरिहार्य बनाता है कि आपके बच्चे यहां के जर्म से बच नहीं सकते।
  • कक्षा की बेंचें: एक कक्षा की बेंच पर करीब 2,700,000 कीटाणु बैठे होते हैं। एक जगह पर इतने ढेर सारे बच्चे होते हैं, जो आपस में स्टेशनरी, खाने और अन्द चीजें साझा करते हैं, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कक्षा कीटाणु की प्रजनन भूमि है जिसके कारण सर्दी और फ्लू होता है। हालांकि फर्श को रोजाना पोछा जाता है और सफाई की जाती है, लेकिन क्या आपको आश्चर्य नहीं होगा की स्कूल में बेंच और डेस्क अकसर कीटाणुरहित होते हैं?
  • स्कूल बस की सीट और खिड़कियां: अध्ययन से पता चला है कि बस की सीटों और खिड़कियों पर हर समय करीब 3980000 कीटाणु होते हैं धूल, प्रदूषण, और कीटाणु के बारे में सोचें जो हर वक्त उन जगहों पर जमे रहे हैं, जिसे स्कूल जाते समय रोजाना आपका बच्चा इसका प्रयोग करता है।सबसे खराब बात यह है कि इन जगहों को नियमित रूप से साफ भी नहीं किया जाता है, उन्हें अकेले कीटाणुरहित रहने दें,
  • स्कूल बैग: औसत तौर पर एक बच्चे के स्कूल बैग में 125,000 कीटाणु होते हैं। बाहरी सतहों और अन्य दूसरी चीजें के संपर्क में आने के बारे में भूल जाएं, तो स्वयं आपके बच्चे का अपना बैग कीटाणुओं की प्रजनन भूमि है। इसमें खाने का डब्बा लाया जाता है जिससे हमेशा कुछ ना कुछ गिरता है, बैग को कक्षा और बस दोनों जगह फर्श पर रखा जाता है। जिसके परिणाम के रूप आपका बच्चा रोजाना बैग के साथ पीठ पर सभी संचित कीटाणु लेकर आता है!
  • फुटबाल: फुटबॉल कीटाणुओं और धूल का एक स्पष्ट घर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक फुटबॉल जिसके साथ खेला जाता है उस पर 1,540,000 कीटाणु होते हैं! और सोचने वाली बात है कि बच्चे पहले इस बाल को धूल और जमी हुई मल में चारों ओर खेलते हैं और फिर उसे घर लेकर आ जाते हैं और फिर दूसरे दिन दोबारा खेलने के लिए निकालते हैं।

ये विचार भले ही थोड़े खतरनाक लग सकते हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इस तरह की सतहों को छूने से अपने बच्चे को रोकना इसका समाधान है? नहीं, उन्हें इस तरह छूने और कीटाणु वाली जगहों के संपर्क में आने से रोकना असंभव है, क्योंकि यह उसके खेलने और लापरवाह होने की उम्र है। इस तरह का प्रतिबंध लगाना का मतलब है उसका बचपना छीन लेना। लेकिन, हम इन कीटाणुओं को फैलने और बच्चे को नुकसान पहुंचने से रोक सकते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारे बच्चे अपने हाथ डिटोल के नए रेंज से धोएं और स्नान करें, डिटोल गोल्ड प्रमुख कीटाणु संरक्षण वाले साबुन के मुकाबले 100% बहतर सुरक्षा प्रदान करता है।